मैं भागा-भागा पपीहर पाछे
सुनने कहुक मधुर पुकार।
वो बैठा – बस बाँह तेरे
चूड़ियों में छुप छनकार॥

छन-छन, छन-छन, रंजन मन
लाल-नीले छनके अलंकार।
हलहला! हलचल! हाए! हिय!
काहे कचोए काँच कतार?

संग-संग, चल-चल, चहकी चंचल
मैं तीज बैठी, सजन संवार।
थाम कलाई, आ बंधन बन
मुझ सी, कहे, चूड़ी चुक्कार॥

सीली पलकन, छलकन सावन
पोंछे पपीहर, बाँह बन डार।
छन-छन छेड़े चूड़ी पुकार –
मैं पिया-पिया प्यार-प्यार॥